भगवद् गीता विचार


*|| भगवद् गीता विचार ||* जो भोग और ऐश्वर्य में अत्यन्त आसक्त हैं, उन पुरुषों की परमात्मा में निश्चियात्मिका बुद्धि नहीं होती। *अध्याय- 2 श्लोक- 44* Download Bhagavad Gita App

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