भगवद् गीता विचार

*|| भगवद् गीता विचार ||* हे पार्थ! अपने-आप प्राप्त हुए और खुले हुए स्वर्ग के द्वार रूप इस प्रकार के युद्ध को भाग्यवान क्षत्रिय लोग ही पाते हैं। *अध्याय- 2 श्लोक- 32* Download Bhagavad Gita App

By Badulescu Radu

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