भगवद् गीता विचार

*|| भगवद् गीता विचार ||* यह आत्मा किसी काल में भी न तो जन्मता है और न मरता ही है तथा न यह उत्पन्न होकर फिर होने वाला ही है क्योंकि यह अजन्मा, नित्य, सनातन और पुरातन है, शरीर के मारे जाने पर भी यह नहीं मारा जाता। *अध्याय- 2 श्लोक- 20* Download Bhagavad Gita App

By Badulescu Radu

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