भगवद् गीता विचार

*|| भगवद् गीता विचार ||* हे अर्जुन! यह आत्मा सबके शरीर में सदा ही अवध्य (जिसका वध नहीं किया जा सके) है। इस कारण सम्पूर्ण प्राणियों के लिए तू शोक करने योग्य नहीं है। *अध्याय- 2 श्लोक- 30* Download Bhagavad Gita App

By Badulescu Radu

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