भगवद् गीता विचार


*|| भगवद् गीता विचार ||* जैसे जीवात्मा की इस देह में बालकपन, जवानी और वृद्धावस्था होती है, वैसे ही अन्य शरीर की प्राप्ति होती है, उस विषय में धीर पुरुष मोहित नहीं होता। *अध्याय- 2 श्लोक- 13* Download Bhagavad Gita App


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